प्रयास
नमस्कार नहीं बस प्यार दोस्तों , अच्छा लग रहा है आपसे रूबरू होकर , प्यार और तव्वजो जो भी मिल रही है आपकी.... दिल से शुक्रिया . पिछली पोस्ट पर एक पुराने स्टूडेंट ने तारीफ के साथ एक इच्छा भी जाहिर की , उसने लिखा कि अगली बार कोई motivational post डालूँ ...उसकी इस लाइन को पढकर यकीं मानिये पहले तो बेहद ख़ुशी हुई और ये सोचकर भी बहुत अच्छा लगा की उस बच्चे को मुझ पर भरोसा है कि मेरा लिखा MOTIVATIONAL भी हो सकता है ....पर अगले ही पल एकदम से लगा कि अनजाने ही एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी आ गयी कि अब उसके लिए कुछ ऐसा लिखना है जो दिल से निकले , जज्बातों से लबरेज़ हो और साथ ही किसी को किसी सही दिशा में ले जाये ...सच कहूँ तो एक बार को तो बिलकुल वैसा ही एहसास हुआ जैसा हरबार क्लास में घुसने से पहले होता था कि मेरा पढाया न सिर्फ मेरे बच्चे समझे बल्कि सीखे भी और कुछ खास करके दिखाए भी ...... और इसी कशमकश में लगा कि ये तो उसी ने मुझे प्रेरित कर दिया ,किसी अलग जिम्मेदारी को उठाने के लिए..... पर चलिए एक ईमानदार कोशिश की जाये ....... बहुत सोचने पर भी ...
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